Wednesday, August 24, 2011

Anna Only Anna

“दर्द होता रहा छटपटाते रहे, आईने॒ से सदा चोट खाते रहे, वोवतन बेचकर मुस्कुराते रहे
हम
वतन के लिए॒ सिर कटाते रहे





280
लाख करोड़ का सवाल है ...
भारतीय
गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* येकहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का. स्विस बैंक के डाइरेक्टरने यह भी कहा है कि भारत का लगभग 280 लाख करोड़ रुपयेउनके स्विस बैंक में जमा है. ये रकम इतनी है कि भारत काआने वाले 30 सालों का बजट बिना टैक्स के बनाया जा सकताहै.

या
यूँ कहें कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए जा सकते है.या यूँ भी कह सकते है कि भारत के किसी भी गाँव से दिल्लीतक 4 लेन रोड बनाया जा सकता है.

ऐसा भी कह सकते है कि 500 से ज्यादा सामाजिक प्रोजेक्टपूर्ण किये जा सकते है. ये रकम इतनी ज्यादा है कि अगर हरभारतीय को 2000 रुपये हर महीने भी दिए जाये तो 60 सालतक ख़त्म ना हो. यानी भारत को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेनेकि कोई जरुरत नहीं है. जरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट राजनेताओंऔर नोकरशाहों ने कैसे देश को

लूटा
है और ये लूट का सिलसिला अभी तक 2011 तक जारी है.

इस
सिलसिले को अब रोकना बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है.अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब 200 सालो तक राज करकेकरीब 1 लाख करोड़ रुपये लूटा.

मगर आजादी के केवल 64 सालों में हमारे भ्रस्टाचार ने 280लाख करोड़ लूटा है. एक तरफ 200 साल में 1 लाख करोड़ हैऔर दूसरी तरफ केवल 64 सालों में 280 लाख करोड़ है. यानिहर साल लगभग 4.37 लाख करोड़, या हर महीने करीब 36हजार करोड़ भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में इन भ्रष्ट लोगों द्वाराजमा करवाई गई है.

भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन की कोई दरकार नहीं है. सोचोकी कितना पैसा हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और उच्च अधिकारीयोंने ब्लाक करके रखा हुआ है.

हमे भ्रस्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारीयों के खिलाफ जानेका पूर्ण अधिकार है.हाल ही में हुवे घोटालों का आप सभी कोपता ही है - CWG घोटाला, जी स्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्शहोउसिंग घोटाला ... और ना जाने कौन कौन से घोटाले अभीउजागर होने वाले है ........